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Shree Mumbadevi Mandir

॥ श्री मुंबादेव्यै नमः ॥
Mumbadevi Mandir

"मुंबई से एक पवित्र नाता"

मुंबादेवी मंदिर देवी मुंबादेवी को समर्पित मुंबई का एक प्राचीन और प्रसिद्ध मंदिर है। मुंबई के मध्य स्थित यह मंदिर 18वीं शताब्दी में स्थापित हुआ था। मुंबई के मूल निवासी कोली मछुआरे देवी को अपनी आराध्य और रक्षक मानते हैं। मुंबादेवी को शक्ति के स्वरूप के रूप में भी पूजा जाता है।


आज यह सुंदर मंदिर मुंबई के भुलेश्वर क्षेत्र के व्यस्त लोहे, कपड़े और आभूषण बाजारों के बीच स्थित है। माना जाता है कि मुंबई शहर का नाम देवी मुंबादेवी के नाम से जुड़ा है। इसी कारण यह मंदिर मुंबईवासियों के लिए विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखता है। मुंबादेवी को मुंबई की अधिष्ठात्री देवी भी माना जाता है।


Mumbadevi Temple, Bhuleshwar
श्री

मुंबादेवी
मंदिर

निर्माण 1737, ज़वेरी बाज़ार
स्थान भुलेश्वर, मुंबई
देवता महाशक्ति
Mumbadevi Temple, Bhuleshwar, Mumbai

महा + अंबा — वे दो शब्द जिन्होंने देवी को, और शहर को, उनका नाम दिया।

Maha + Amba
उनका नाम, शहर का नाम

मुंबई नाम कहां से आया

"मुंबा" नाम को आम तौर पर "महा" और "अंबा" से जोड़ा जाता है, जिसका भावार्थ "महान माता" है। इसी नाम से मुंबई के नाम की उत्पत्ति जुड़ी मानी जाती है।

मुंबादेवी आगरी और कोली समुदायों की आराध्य देवी मानी जाती थीं, जो मुंबई के सात द्वीपों के मूल निवासियों में शामिल थे। वे देवी को अपनी रक्षक और महाशक्ति के रूप में पूजते थे। आज भी मुंबादेवी मुंबई की अधिष्ठात्री देवी के रूप में श्रद्धा से पूजी जाती हैं।

इतिहास

आस्था में पुनर्निर्मित मंदिर

लगभग 1675

मान्यता है कि मुंबादेवी का पहला मंदिर बोरी बंदर क्षेत्र में था, जहां कोली मछुआरे और स्थानीय समुदाय देवी की आराधना करते थे।

1737

मूल मंदिर के नष्ट होने के बाद इसे 1737 में ज़वेरी बाज़ार, भुलेश्वर में पुनः स्थापित किया गया। यही वह स्थान है जहां मंदिर आज भी मुंबई के व्यस्त आभूषण और कपड़ा बाजारों के बीच स्थित है।

आज

आज भी भक्त यहां पूजा और दर्शन की उस निरंतर परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं, जो पीढ़ियों से इस मंदिर की आस्था का आधार रही है।

Mumbadevi Temple, Bhuleshwar, Mumbai

1737 में ज़वेरी बाज़ार, भुलेश्वर में पुनर्निर्मित — लगभग तीन शताब्दियों से मंदिर का घर।

कथा

आठ भुजाएं, एक रक्षक

कथा के अनुसार, भगवान ब्रह्मा ने आठ भुजाओं वाली देवी मुंबादेवी को मुंबारक नामक राक्षस का अंत करने के लिए भेजा, जिसने स्थानीय लोगों को लंबे समय से परेशान कर रखा था।

पराजित होने के बाद मुंबारक देवी के चरणों में गिर पड़ा और उनसे अपने नाम को आगे जीवित रखने का अनुरोध किया। देवी ने उसकी इच्छा स्वीकार की और उसे मंदिर निर्माण की अनुमति दी। इसी कथा से मुंबादेवी और मुंबई के नाम के बीच जुड़ा संबंध बताया जाता है।

मंदिर के भीतर

तीन तीर्थ, एक गर्भगृह

Shree Jagadamba

श्री जगदंबा

सृष्टि की माता — शक्ति के सर्वव्यापी रूप के रूप में मुंबादेवी के साथ पूजी जाती हैं।

श्री जगदंबा
Shree Annapurna

श्री अन्नपूर्णा

पोषण की देवी, शहर के घरों व लोगों के भरण-पोषण हेतु सम्मानित।

श्री अन्नपूर्णा
Shree Hanumanji

श्री हनुमानजी

समर्पित रक्षक, मंदिर व शहर पर मुंबादेवी के साथ पहरा देते हुए।

श्री हनुमानजी
🙏दर्शन 🪔पूजा ₹दान