मंदिर हिंदू पंचांग के अनुसार वर्षभर विभिन्न महत्वपूर्ण धार्मिक पर्व और अवसर मनाता है। नीचे उत्सवों का कैलेंडर और उनसे जुड़ी जानकारी देखें।
इस चक्र पर प्रत्येक स्थान संबंधित चंद्र मास को दर्शाता है। बीच की ज्योति उस अनुष्ठान का प्रतीक है जो हर महीने पूर्णिमा के अवसर पर दोहराया जाता है—मासिक नवचंडी यज्ञ।
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माघ नवरात्रि
गुप्त नवरात्रि · माघ एकम – माघ नवमी
माघ मास में मनाई जाने वाली यह गुप्त नवरात्रि अपेक्षाकृत शांत और अंतर्मुखी साधना का समय मानी जाती है। शाक्त और तांत्रिक परंपराओं में इसे देवी के शक्तिशाली स्वरूपों की उपासना के लिए विशेष माना जाता है। प्रतिपदा से नवमी तक चलने वाली यह नौ दिवसीय साधना सार्वजनिक उत्सव से अधिक ध्यान और साधना पर केंद्रित रहती है।
माघ9 दिनशाक्त
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मुंबादेवी वर्धापन दिन
पाटोत्सव · माघ एकादशी
मुंबादेवी मंदिर का अपना वार्षिक स्थापना-दिवस, जिसे पाटोत्सव के रूप में मनाया जाता है। माघ नवरात्रि के बाद एकादशी को आने वाला यह अवसर मंदिर के लिए विशेष महत्व रखता है और इस दिन देवी का विशेष अभिषेक तथा शृंगार किया जाता है।
माघमंदिर वर्षगांठ
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चैत्र नवरात्रि
चैत्र एकम (गुड़ी पड़वा) – चैत्र नवमी (राम नवमी)
चैत्र नवरात्रि वसंत ऋतु में मनाई जाने वाली नौ दिवसीय नवरात्रि है। इसका आरंभ गुड़ी पड़वा, यानी मराठी नववर्ष, से होता है और समापन राम नवमी पर होता है। यह पर्व नई शुरुआत, भक्ति और भगवान राम के जन्मोत्सव का सुंदर संगम है।
चैत्र9 दिनराम नवमी पर समाप्त
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हनुमान जयंती
चैत्र पूर्णिमा
चैत्र पूर्णिमा को भगवान हनुमान की जयंती मनाई जाती है। भक्त भजन, हनुमान चालीसा के पाठ तथा सिंदूर और तेल के अर्पण के माध्यम से हनुमानजी के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं। यह दिन शक्ति, भक्ति और सेवा-भाव का स्मरण कराता है।
चैत्र पूर्णिमापूर्णिमा
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आषाढ़ नवरात्रि
गुप्त नवरात्रि · आषाढ़ एकम – आषाढ़ नवमी
आषाढ़ मास की यह दूसरी गुप्त नवरात्रि है, जो वर्षा ऋतु के आगमन के साथ आती है। माघ की गुप्त नवरात्रि की तरह यह भी शांत साधना और देवी-उपासना के लिए विशेष मानी जाती है।
आषाढ़9 दिनशाक्त
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श्री कृष्ण जन्माष्टमी
श्रावण अष्टमी
श्रावण मास की अष्टमी की मध्यरात्रि को भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में जन्माष्टमी मनाई जाती है। मुंबई में यह अत्यंत उत्साह और भक्ति से मनाया जाने वाला पर्व है, और मंदिरों की मध्यरात्रि आरती के साथ शहर में दही हांडी की परंपरा भी दिखाई देती है।
श्रावणमध्यरात्रि आरती
7
अश्विन नवरात्रि
अश्विन एकम – अश्विन नवमी
शारदीय नवरात्रि वर्ष की सबसे प्रमुख और व्यापक रूप से मनाई जाने वाली नवरात्रि है, जिसका समापन विजयादशमी पर होता है। इन नौ दिनों में मंदिर विशेष सजावट, गरबा और भक्ति कार्यक्रमों से जीवंत हो उठता है और दर्शन के लिए बड़ी संख्या में भक्त आते हैं।
अश्विन9 दिनप्रमुख नवरात्रि
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श्री मुंबादेवी अन्नकूट महोत्सव
कार्तिक प्रतिपदा
दीपावली के अगले दिन मनाया जाने वाला अन्नकूट देवी को विविध प्रकार के पकवानों का भव्य नैवेद्य अर्पित करने का पर्व है। गोवर्धन पूजा की परंपरा से जुड़ा यह अर्पण बाद में प्रसाद के रूप में वितरित किया जाता है।
कार्तिकदीपावली के बादप्रसाद वितरण
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नवचंडी यज्ञ
प्रत्येक पूर्णिमा (मासिक)
नवचंडी यज्ञ देवी के चंडी स्वरूप की उपासना और शक्ति का आवाहन करने वाला अग्नि अनुष्ठान है। यह हर महीने पूर्णिमा के दिन किया जाता है और वर्षभर मंदिर की नियमित धार्मिक परंपरा का हिस्सा बना रहता है।